फुलचनमा के माए मैर गेलई
न चाँद कनलै , न तरेगण कनलै
कनलै के , आ त छहर परहक कुजरनी कनलै
सिंहसरा के बेटा मरि गेलै
न आँगन कनलै ,न बहरी कनलै
कनलै के , आ त टीशन परहक मुसहरनी कनलै
ऐना कियाक भेलै , अपन कियो ???
अपनों सब कनलै , मुदा देखा के कनलै
जेकरा जे उम्मीद , हिसाब से कनलै
जे आन कनलै से दुःख से कनलै
ने उम्मीद लेल , ने देखा के कनलै
अप्पन में , सबसँ बेसी कनला लत्तों बाबू
हुनका सप्ताह भरि के ग्रास भेंट गेलैन
हँ ! एक गोटे और खूब कनलक
परशु झा ;भोकाइर् पाइर के कनला
सूद देत नहि ,त ज़मीन त देत
व्यवस्था अपन हाथ में लेलनि परशु
आगू की , आगू आब ब्राह्मण भोजन होएत
न चाँद कनलै , न तरेगण कनलै
कनलै के , आ त छहर परहक कुजरनी कनलै
सिंहसरा के बेटा मरि गेलै
न आँगन कनलै ,न बहरी कनलै
कनलै के , आ त टीशन परहक मुसहरनी कनलै
ऐना कियाक भेलै , अपन कियो ???
अपनों सब कनलै , मुदा देखा के कनलै
जेकरा जे उम्मीद , हिसाब से कनलै
जे आन कनलै से दुःख से कनलै
ने उम्मीद लेल , ने देखा के कनलै
अप्पन में , सबसँ बेसी कनला लत्तों बाबू
हुनका सप्ताह भरि के ग्रास भेंट गेलैन
हँ ! एक गोटे और खूब कनलक
परशु झा ;भोकाइर् पाइर के कनला
सूद देत नहि ,त ज़मीन त देत
व्यवस्था अपन हाथ में लेलनि परशु
आगू की , आगू आब ब्राह्मण भोजन होएत
मांस आ माछ सहित नीक सचार लागत
ज़मीन भरना लागत , बर्तन बासन आर गोदान होएत
तकर बाद ? तक़र बाद की ,भगवान निसाफ करथिन
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