शनिवार, 25 अप्रैल 2026

फुलचनमा के माए मैर गेलई
न चाँद कनलै , न तरेगण कनलै

कनलै के , आ त छहर परहक कुजरनी कनलै

सिंहसरा के बेटा मरि  गेलै
न आँगन कनलै ,न  बहरी कनलै

कनलै के , आ त टीशन  परहक मुसहरनी  कनलै

ऐना  कियाक  भेलै , अपन  कियो  ???

अपनों  सब  कनलै , मुदा  देखा  के  कनलै
जेकरा  जे  उम्मीद , हिसाब  से  कनलै

जे आन कनलै  से  दुःख  से  कनलै
ने  उम्मीद  लेल , ने  देखा  के कनलै

अप्पन   में , सबसँ  बेसी  कनला   लत्तों  बाबू
हुनका  सप्ताह  भरि  के  ग्रास  भेंट  गेलैन

हँ  ! एक  गोटे  और  खूब  कनलक
परशु  झा ;भोकाइर्  पाइर  के कनला

सूद देत  नहि ,त  ज़मीन  त  देत
व्यवस्था अपन  हाथ  में लेलनि परशु

आगू की , आगू आब ब्राह्मण भोजन होएत
मांस आ माछ सहित नीक सचार लागत 

ज़मीन भरना लागत , बर्तन बासन आर गोदान होएत
तकर बाद ? तक़र बाद की ,भगवान निसाफ करथिन




  

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