शनिवार, 25 अप्रैल 2026

आऊ सब मिल के शोक मनाबी
आऊ सब मिल के मौन राखी

परिवार के विध्वंश के ,समाज के  विखंडन के
गामक तिरस्कार के , शहर लेल टपकैत लेर के

फुसियाही के आधुनिकता के ,देखौव्वल के अहंकार के
पाई के ग़ुलामी के , शिक्षा के बंध्याकरण के

परंपरा के मृत्यु पर , पाश्चात्य के यौवन पर
गायत्री के कारावास पर, उच्छृंखलता के अभयदान पर

राम  के  " रामा " पर , शिव  के  "शिवा" पर
बौआ के "बेबी " पर ,स्वामी के "हनी" पर


विवाह  के धकियेनाइ  पर , लिव - इन्  के स्वागत पर
नाटक के इह -लीला पर , नाच  के  स्वागतम  पर

आँगन  के गैलरी  पर , दालान के बालकनी  पर
बहरी  के  सिमैटि  के  आँगन  में घोसिएनाई  पर    


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें